ब्लॉग के लिए Top level Domain कैसे चुनें? – आपकी हिन्दी के 11 बेस्ट सुझाव।

Top Level Domain का नाम चुनना कितना मुश्किल काम है?

किसी भी चीज का नाम रखना आसान काम नहीं होता है। बहुत माथा-पच्ची का काम होता है। बहुत बार सोचना पड़ता है। कौन सा नाम ठीक है? कौन सा नाम ठीक नहीं है? इसी तरह Top Level Domain चुनना भी आसान काम नहीं हैं। किसी बच्चे का नाम रखते समय सोचिए, हम क्या-क्या करते हैं? क्योंकि नाम हीं तो पहचान होता है।

किसी भी बच्चे का नाम एक जैसा हो सकता है, परन्तु डोमेन का नाम एक जैसा नहीं होता है। आपको एक ऐसा नाम खोजना पड़ता है, जो पहले कभी था हीं नहीं। नाम हीं बाद में चलकर ब्रैंड बन जाता है। इसलिए वेबसाइट या ब्लॉग का नाम चुनते समय अच्छी तरह से सोचकर हीं डोमेन का नाम रजिस्टर करना चाहिए।

इस पोस्ट में हम  Top Level Domain चुनने के बारे में जानेंगे।

मान लीजिए अगर आपने किसी गलत डोमेन नाम चुन लिया है। तो इसे बाद में बदलना बहुत हीं मुश्किल काम होगा। यदि इसे बदलते भी हैं और सही तरीके से नहीं बदलते हैं। तो इसका असर आपके सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और ट्रैफिक पर भी पड़ेगा। इसलिए शुरुआत में हीं आपको एक अच्छे और सबसे हटके Top Level Domain का नाम चुनना चाहिए। ताकि इसे बाद में बदलने की जरूरत न पड़े। क्योंकि इसे बाद में बदलना बहुत हीं जटिल और उलझा हुआ काम हो जाएगा।

1. वेबसाइट औरटॉप डोमेन एक्सटेंशन

अगर किसी वेबसाइट या ब्लॉग की क्वालिटी और कन्टेन्ट बहुत अच्छी है। तो चाहे किसी भी नाम से डोमेन क्यों न हो। लोग उस साइट को पसंद करते हैं। कोई भी इन्टरनेट यूजर सर्च इंजन, ऐड या सोशल नेटवर्किंग आदि से आपके डोमेन के बारे में जनता है। और यदि डोमेन छोटा और याद करने लायक हो। तो वह उसे याद भी कर लेता है। इसलिए जरुरी नहीं है कि नाम सही नहीं होने से आपका डोमेन सफल नहीं होगा। “Content is the King” इसलिए हीं कहा गया है। 

 A  .Com एक्सटेंशन कितना उपयोगी है ?
डोमेन का एक्सटेंशन अंत में रहता है। जैसे .com, .net, .org, .in आदि। इसे अपने बिज़नेस और वेबसाइट या ब्लॉग के टॉपिक के हिसाब से चुनना चाहिए। .com  एक्सटेंशन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला और सबसे प्रचलित डोमेन एक्सटेंशन है। इसलिए आपको डोमेन खरीदते समय .com एक्सटेंशन को ज्यादा महत्व देना चाहिए।

कोई भी बिना टेक्नोलॉजी की जानकारी रखने वाला व्यक्ति इंटरनेट सर्फिंग करते समय .com एक्सटेंशन को अंत मे लिखकर हीं सर्फिंग करता है। क्योंकि उसे लगता है कि कोई भी वेबसाइट .Com हीं होता हैं। या फिर किसी दुसरे से .Com के बारे में सुना हुआ रहता है। इसलिए .com एक्सटेंशन आपका पहला पसंद होना चाहिए। अगर आपका बिज़नेस या काम मल्टी नेशनल है। तो सबसे पहले .Com और उसके बाद उस देश के लिए बनाए गए डोमेन को खरीदना चाहिए। जैसे, .in (इंडिया के लिए)

Top Level Domain Names

B  .Com एक्सटेंशन नहीं मिले तो
अगर .com एक्सटेंशन नहीं मिलता है। तो फिर आप .org, .net या देश के लिए बनाए गए एक्सटेंशन को चुन सकते हैं। जैसे .in (इंडिया के लिए), .sg (सिंगापुर के लिए), .ca (कनाडा के लिए), .us (यूनाइटेड स्टेट्स के लिए), .uk (यूनाइटेड किंगडम के लिए) आदि।

अपनी साइट के इस्तेमाल के हिसाब से नए Top Level Domain Names एक्सटेंशन को रजिस्टर कर सकते हैं। जैसे .info, .guru, .photography, .club, .online आदि। रजिस्ट्रार स्टैट्स के अनुसार सबसे पहले स्थान पर “.com” दूसरे स्थान पर “.net” , तीसरे स्थान पर “.org” और चौथे स्थान पर “.info” एक्सटेंशन आता है।

लगभग 80% एक्सटेंशन अकेले “.com” के हैं। और लगभग 10% करके “.net” और “.org” के एक्सटेंशन हैं। इसी से आप समझ सकते हैं, “.com” डोमेन एक्सटेंशन कितना लोकप्रिय है। मेरी माने तो आपको “.com” एक्सटेंशन को हीं खरीदना चाहिए। अगर ये नहीं मिलता है। तो फिर आपको “.net” और “.org” जैसे एक्सटेंशन को खरीदने के बारे में सोचना चाहिए।

अगर ये तीनों एक्सटेंशन में से, कोई भी न मिले। तो आप अपने डोमेन के नाम को फिर से बदलने के बारे में सोचिए। कुछ एक्सटेंशन के बारे में नीचे बताया जा रहा है।

  • .com – व्यावसायिक।
  • .co – यह डॉट कॉम का संक्षिप्त रूप है। व्यावसायिक और कम्युनिटी।
  • .net – तकनीकी और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर साइट।
  • .org – गैर-व्यावसायिक और गैर लाभकारी संगठन।
  • .biz – बिसनेस और व्यावसायिक।
  • me – व्यक्तिगत और ब्लॉग साइट।

2. टाइप करने में आसानी हो

एक ऐसे Top Level Domain को चुनिए जिसे टाइप करना बहुत हीं आसान हो। जैसे, Google, yahoo, amazon, snapdeal आदि। इन सभी को याद रखना और टाइप करना बिलकुल हीं आसान है। “you” के बदले “u” जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसे डोमेन लोगों को भ्रमित करते हैं।

वेबसाइट को लिखते समय गलती हो सकती है। “u” लिखने के बजाय “you” लिखा सकता है। इसके साथ हीं साथ अगर एक से अधिक उच्चारण वाले शब्दों, जैसे “express” और “xpress” का इस्तेमाल करते हैं। तो ऐसे नामों को लिखने में भी गलती हो सकती है। “xpress” के बजाय “express” लिखा सकता है।

3. नाम को जितना हो सके छोटा रखें

अगर आपका Top Level Domain ज्यादा बड़ा और पेचीदा होगा। तो ग्राहक इसके स्पेलिंग को टाइप करते समय गलती कर सकते हैं। इसलिए डोमेन को जितना हो सके छोटा और सहज बनाएं। किसी भी लोकप्रिय वेबसाइट का डोमेन अधिक से अधिक 6 से 10 अक्षरों का है। जैसे गूगल, याहू, लिंक्डइन, फेसबुक, अमेज़न, बिंग, फ्लिप्कार्ट आदि।

लेकिन अभी छोटे नाम मिलना बहुत हीं मुश्किल है। क्योंकि छोटे नाम पहले हीं खरीद लिए गए हैं। इसलिए आप कोशिश कीजिए किसी यूनिक नाम के बारे में। और इसे अधिक से अधिक 12 अक्षरों के बीच हीं रखिए, तो बहुत हीं बेहतर होगा।

4. याद रखने में आसानी हो

अगर किसी नाम को याद रखने में कोई दिक्कत नहीं होगी, तो इसे लोगों के बीच आपस में शेयर करना भी बहुत सहज होगा। उदहारण के रूप में आप मेरे डोमेन के नाम को देखिए “aapkihindi”। इसलिए आपको एक ऐसे नाम को चुनना है, जो बहुत ही अलग हो और झठ से याद भी हो जाए। 

यदि wetregsj, qermwaerty, bvcgfrte, opiyutre, tyegeh जैसे नाम को चुनते हैं, तो आप सोच सकते हैं कि एक तो ये याद रखने के लायक नहीं हैं। दूसरा इनका कोई अर्थ भी नहीं निकल रहा है। और ऐसे  शब्दों को टाइप करने में गलती जरूर होती है। इसलिए आपका डोमेन नाम बहुत सरल और अर्थ प्रकट करने वाला भी होना चाहिए। जैसे, फ्लिप्कार्ट, स्नेपडील, नाईका आदि।

5. नंबर और डैश काइस्तेमाल नहीं करें

नंबर (12345) और डैश (-) के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि नंबर और डैश याद रखने में आसान नहीं होते हैं। इसके साथ हीं साथ यह लोगों को कंफ्यूज भी करते हैं। जैसे फेसबुक को देख लीजिए, “face-book”। बीच में डैश का इस्तेमाल होना चाहिए था। पर फेसबुक ने ऐसा नहीं किया है।

किसी भी Top Level Domain के नाम को दिखिए। वहाँ पर नम्बर या डैश का इस्तेमाल नहीं हुआ है। अगर किसी नाम के आरम्भ, बीच या अंत में कंही भी नंबर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह सही नहीं होता है। इसे याद रखने और टाइप करने, दोनों में गलती हो सकती है।

नाम को लिखते समय हम सोचने लगेंगे कि कौन सा नंबर था। डैश का इस्तेमाल करते हुए भी लोग भ्रमित होंगे। google2343, flip5436kart, face5466book, Ama-zon, snap-deal आदि डोमेन सही नहीं हैं। इसलिए नंबर और डैश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनके इस्तेमाल से याद करने में दिक्कत, भ्रम, तथा टाइप करने में भी गलती होती है।

6. Top Level Domain को Exact और Half  कीवर्ड केरूप में इस्तेमाल करना

जब भी हम सर्च इंजन में कुछ कीवर्ड के माध्यम से सर्च करते हैं, और जो कॉन्टेंट उस कीवर्ड से मैच करता है। उन सभी का एक लिंक के साथ पूरा लिस्ट आ जाता है। आवश्यकता अनुसार हम उनमें से किसी एक लिंक को क्लिक करते हैं। इसलिए जब आप exact और half  कीवर्ड को domain name के रूप में चुनते हैं। तो सर्च रिजल्ट में वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग बढ़ जाती हैं।

A. Exact कीवर्ड के रूप में
Exact नाम के डोमेन से मतलब है कि कोई भी सर्च इंजन में जब आपके domain name से मिलता-जुलता शब्द सर्च करता है। तो उसका लिंक सर्च रिजल्ट के पेज परआ जाता है। जैसे “weather” लिखकर सर्च इंजन में सर्च करते हैं, तो www.weather.com साइट का लिंक आता है। इसी तरह “gaana” लिखकर सर्च करने परgaana.com का साइट आ जाता है। “history” लिखकर सर्च करने पर, history.com का साइट आ जाता है। ये सभी डोमेन exact कीवर्ड के रूप में काम कर रहें हैं। जैसे, “weather” पूरा कीवर्ड। “gaana” और “history” भी पुरे कीवर्ड हैं।

B. Half कीवर्ड के रूप में
Half कीवर्ड सेमतलब है, domain name का आधा भाग कीवर्ड होता हैं। जैसे “Paytm” में “Pay” आधा कीवर्ड है। कोई भी सर्च इंजन में जब कीवर्ड के माध्यम से सर्च करता है। और उस डोमेन के नाम का आधा अंश उस कीवर्ड से मैच कर जाता है। तो आपका वेबसाइट या ब्लॉग सर्च रिजल्ट के पेज पर आ जाता है। जैसे “pay” लिखकर सर्च करने पर, paytm.com का साइट आ जाता है। “time” लिखकर सर्च करने पर, “www.time4education.com”, “www.timeanddate.com/” आदि साइट का लिंक आता है। सर्च इंजन डोमेन के आधे नाम को कीवर्ड के रूप में ले लेता है। तथा सर्च रिजल्ट में उससे मिलता-जुलता पेज ला देता है।

इस तरह अगर आप एक Top Level Domain चुनते हैं। जिसमें आधा या पूरा नाम आपके बिज़नेस से मिलता-जुलता कीवर्ड हो। तो वह वेबसाइट सर्च रिजल्ट के पेज पर ज्यादा बार आता है। उस साईट की ट्रैफिक रेट ज्यादा हो जाती है।

7. डोमेन और ब्रैंड को सुरक्षित करें


आपका खरीदा हुआ Top Level Domain भविष्य में बहुत बड़ा ब्रैंड भी बन सकता है। इसलिए इसे सुरक्षित करना बहुत आवश्यक है। इसे सुरक्षित करने के लिए जरूरी हैं कि आपके domain name का अलग-अलग एक्सटेंशन भी खरीद लें। जैसे, साइट का नाम example.com है। तो exapmle.org, example.net, example.co.in आदि को खरीद लें। इसके साथ हीं साथ जिस देश मे रहते हैं, उस देश का एक्सटेंशन भी खरीद लें। (जैसे इंडिया के लिए .in, सिंगापुर के लिए .sg आदि।)

Top Level Domain Names

इस तरह के जितने भी Top Level Domain के मुख्य एक्सटेंशन हैं, उन सभी को खरीदना जरूरी है। तब आपका प्रतिद्वंदी आपके डोमेन के किसी दूसरे एक्सटेंशन को नहीं खरीद सकेगा।

आपकी वेबसाइट के गलत नाम वाले वाले डोमेन को भी खरीदें। जैसे, apkihindi.in। इससे यह होग कि किसी के द्वारा आपका डोमेन गलत टाइप करने पर भी वह आपके साइट पर हीं आएगा, अगर गलत डोमेन को आपके मेन डोमेन पर फॉरवार्डिंग कर देते हैं।
याहू को बाद में करोड़ों रुपए देकर flicker.com को खरीदना पड़ा था। क्योंकि गलत टाइपिंग के द्वारा लोग flickr के बदले flicker पर चले जाते थे। इसके साथ हीं साथ खरीदे हुए दूसरे डोमेन एक्सटेंशन को आपके मुख्य साइट पर फारवर्ड या रीडायरेक्ट कर दें। जैसे aapkihindi.in मुख्य डोमेन है, तो aapkihindi.com, aapkihndi.net, aapkihndi.org आदि को aapkihndi.in पर फारवर्ड कर दें।

8. कीवर्ड का इस्तेमाल करना


जैसा कि मैंने ऊपर बताया है। आपके बिज़नेस और सेवाओं से संबंधित कीवर्ड का Top Level Domain में इस्तेमाल करना चाहिए। जैसे आपका मोबाइल रिपेअर का शॉप है। तो आप mobilerepair.com को चुन सकते हैं। कीवर्ड के इस्तेमाल से सर्च इंजन में आपकी साइट की रैंकिंग बढ़ती है। सर्च रिजल्ट में ज्यादा बार आने से ट्रैफिक में सुधार होता है। कीवर्ड के इस्तेमाल से, कोई भी कस्टमर जैसे हीं उस कीवर्ड से संबंधित कुछ भी सर्च करता है। तो हमारे वेबसाइट या ब्लॉग का लिंक सर्च रिजल्ट के पेज पर ज्यादा बार आता है।

9. ठीक से रिसर्च करें


Top Level Domain खरीदने से पहले ठीक से रिसर्च कर लें। जो नाम आप ने चुना है। वह नाम किसी दूसरी कंपनी का कॉपीराइट या ट्रेडमार्क तो नहीं है। आपके द्वारा चुना गया डोमेन नाम किसी दूसरी कंपनी के द्वारा इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो फिर आप कानूनी विवाद मे फँस  सकते हैं। आपके द्वारा खरीदे गए डोमेन से भी हाथ धोना पर सकता है। इसलिए ठीक से रिसर्च करने के बाद हीं डोमेन खरीदने के बारे में सोचें।

10. रजिस्टर या खरीदने में देरी न करें

Top Level Domain बहुत तेजी से रजिस्टर होते जा रहे हैं। इसलिए नाम चुनने या रजिस्टर करने में देरी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि कहीं ऐसा न हो, जो नाम आपने सोचा है उसे कोई दूसरा खरीद ले। डोमेन खरीदने या रजिस्टर करने के ज्यादा पैसे नहीं लगते हैं। आप आसानी से कोई भी पसंदीदा नाम खरीद या रजिस्टर कर सकते हैं।

जल्दी निर्णय लेकर हीं हम आपने पसंदीदा Top Level Domain को खरीद और रजिस्टर कर सकते हैं। बहुत से ऐसे लोग या कंपनी हैं। जो डोमेन को पहले से हीं रजिस्टर या खरीद कर रखते हैं। और बाद में इन्हें ऊँचे दामों पर बेचते हैं।

11. अपने लोकल बिज़नेस को डोमेन मेंऐड करें

यदि आपका बिज़नेस देशी और लोकल है। तो डोमेन नाम में उस क्षेत्र का उल्लेख भी कर सकते हैं। इससे स्थानीय कस्टमर को आपकी सेवाएं खोजने में मदद मिलता है, जैसे Kolkatamobilerepair.com, आपके लोकल एड्रेस को भी डोमेन के नाम में इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे, mgstreetglass.com

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के वेबसाइट को उदाहरण स्वरूप देख सकते हैं,”www.nseindia.com“, यह एक्सचेंज इंडिया का  है। इसलिए “nse” के बाद इंडिया का इस्तेमाल किया गया है।

तो, दोस्तों ये था Top Level Domain चुनने के बारे में 11 महत्वपूर्ण सलाह और सुझाव। आशा करता हूँ ये पोस्ट आपको पसंद आए। 

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