SEO friendly Blog Post कैसे लिखें ? – आपकी हिन्दी के 12 श्रेष्ट सलाह।

आपके लिखने का कला और स्टाइल ऐसा होना चाहिए, जो लोगों को बहुत पसंद आए।तभी एक रीडर फिर से आपके साइट पर आएगा। तभी आपका कोई भी पोस्ट और आर्टिकल शेयर किया जाएगा, ट्वीट किया जाएगा, लाइक किया जाएगा और लिंक किया जाएगा। एक SEO Friendly Blog Post का मेन मतलब है, सर्च इंजन को और रीडर को आसानी से समझ में आ जाए कि पोस्ट किस विषय के बारे में है। एक SEO Friendly Blog Post को बेहतर SEO टाइटल, हैडिंग, सब हैडिंग, साफ -साफ पैराग्राफ, लिंक फोटो आदि का इस्तेमाल करते हुए लिखना चाहिए।

Readable Blog Post कैसे लिखें? – आपकी हिन्दी के 8 टॉप सलाह।

लिखना और बोलना दोनों अलग – अलग है। क्योंकि लोगों से हम बहुत हीं सहज भाषा मे बात करते हैं। परन्तु लिखते समय भाषा बदल जाती है। लिखना एक कला है, जो हर आदमी में अलग – अलग होता है। और यह समय के साथ और अच्छा होते जाता है।जिस तरह से हर इंसान अलग – अलग तरीके से बोलता और बात करता है। उसी तरह से लिखने की कला भी हर इन्सानों में अलग – अलग होती है। अपने ब्लॉग के लिए कोई पोस्ट लिखना, अन्य सभी तरह के राइटिंग स्किल जैसा हिं है। अतः लिखने की इस कला को अनुभव से और भी अधिक बढ़ाया जा सकता है।

तो दोस्तों इस पोस्ट में हम यही जानेंगे कि एक अच्छे SEO Friendly Blog Post को कैसे लिख जाता है, ओ Blog Post जिसे पढ़ने में बहुत हीं मजा आए और साथ हीं साथ SEO Friendly भी हो।

SEO Friendly Blog Post क्या है?

SEO Friendly Blog Post से मतलब है कि पोस्ट इस तरह से लिखा और ऑप्टिमाइज किया जाए। जिससे हमारी साइट और पोस्ट की गूगल जैसे सर्च इंजन में रैंकिंग अच्छी हो जाए। अगर कोई भी पोस्ट केवल SEO के लिए ऑप्टिमाइज है। रीडर Friendly नहीं है। तो इससे भी साइट या पोस्ट की रैंकिंग अच्छी नहीं होगी।

SEO friendly Blog post क्या है।

SEO Friendly Blog Post का सीधा मतलब है। वह SEO Friendly के साथ हीं साथ रीडर Friendly भी होना चाहिए। अपने रीडर का ध्यान रखते हूए पोस्ट लिखना चाहिए। ताकि वह पोस्ट को ठीक से समझ सके। इसलिए अगर आप गूगल में रैंकिंग चाहते हैं। तो आपके राइटिंग स्किल को भी बहुत इम्प्रूव करना पड़ेगा।

अब मान लीजिए आप केवल SEO को ध्यान में रख कर Blog Post लिखते हैं। तो उसमें आप ज्यादा से ज्यादा Keyword का इस्तेमाल करते हैं। ताकि आपका पोस्ट गूगल के पहले पेज पर आ जाए। पर ज्यादा बार Keyword का इस्तेमाल करते हुए लिखना सही नहीं होता है। क्योंकि इससे टेक्स्ट का रीडबिलिटी नष्ट हो जाता है, वह ठीक से समझ में नहीं आता। इसलिए पोस्ट लिखते समय बिना जरूरत के ज्यादा बार Keyword का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जिस सेन्टेंस में Keyword नहीं बैठ पा रहा है। उसमें भी Keyword लगा देना सही नहीं है।

कोई भी ब्लॉगर ब्लॉग शुरू करते समय हीं लिखना भी स्टार्ट कर देता है। और जो दिमाग में चलता है, वही लिखने लगता है। यह ठीक भी है, क्योंकि यही लिखने का स्वाभाविक तरीका भी है। जो कन्टेन्ट बेहतर तरीके से लिखा गया हो। और साथ हीं साथ उसे अच्छी से ऑप्टिमाइज किया गया हो। तो इस पोस्ट का सर्च इंजन में रैंकिंग बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ हीं साथ जो पोस्ट अच्छे से ऑप्टिमाइज किया गया हो। पर उसकी क्वालिटी और कन्टेन्ट अच्छी नहीं है। तो सर्च इंजन में रैंकिंग करना मुश्किल हो जाता है।

तो SEO का सीधा सा मतलब है कि आपके पोस्ट और कन्टेन्ट को इस तरह से ऑप्टिमाइज करना है। ताकि वह गूगल को और रीडर को पोस्ट के टॉपिक को आसानी से समझने में कोई दिक्कत न हो। अतः एक SEO फ्रेंडली Blog Post लिखने के लिए निचे बताए गए कुछ विशेष बातों पर ध्यान देना चाहिए।

1. क्या लिखना है? ठीक से जाने और रिसर्च करें।


SEO friendly Blog post के लिए ठीक से रिसर्च करें।

पहला नियम यही है कि किसी भी विषय पर लिखने से पहले उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा रिसर्च करें। अगर लिखने से पहले जानेंगें नहीं, तो फिर आप लिखेंगें कैसे? कोई भी पोस्ट लिखने से पहले उसके बारे में ठीक से जानकारी हासिल करना चाहिए। जैसे पोस्ट के द्वारा आप अपने रीडर को क्या बताना चाहते है, पोस्ट किस टॉपिक से रिलेटेड है, आदि। अगर पहले से पूरी जानकारी नहीं होगी। तो आप उस पर लिखेंगें कैसे। इसलिए जरूरी है कि जिस भी टॉपिक पर लिखें। उस पर ज्यादा से ज्यादा इन्फर्मेशन कलेक्ट कर लें। 

ठीक से रिसर्च कर लेने से आपको उस टॉपिक के बारे में गहराई से पता हो जाएगा। जिससे आप एक हाई क्वालिटी कन्टेन्ट लिख सकते हैं। हाई क्वालिटी कन्टेन्ट होने के कारण रीडर आपके पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा बार पढ़ना चाहेंगें। इसे ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर किया जाएगा। इससे सर्च इंजन में पोस्ट का लिंक अच्छा रैंकिंग करने लगेगा।

इस प्रकार एक हाई क्वालिटी कन्टेन्ट का निर्माण करने के लिए उस टॉपिक से सम्बंधित सारी इन्फर्मेशन कलेक्ट कर लेना चाहिए। तभी आप एक बेहतर SEO Friendly Blog Post का निर्माण कर सकते हैं।

2. SEO Friendly Blog Post के लिए सही Keword को चुनना

SEO friendly blog post के लिए Keyword

एक SEO Friendly Blog Post लिखने के लिए सही Keword को चुनना बहुत जरुरी है। अपने Blog Post के लिए टॉपिक डिसाइड कर लेने के बाद हीं, दूसरा काम होता है एक सही Keyword को चुनना। क्योंकि इसी Keyword से आपका पोस्ट सर्च इंजन में आता है। हम सर्च इंजन में कुछ भी सर्च करने के लिए जो भी लिखते हैं, उसी में Keyword छुपा रहता है। और उस Keyword से जिस किसी का टॉपिक मैच कर जाता है, तो उस पोस्ट का लिंक सर्च इंजन के रिजल्ट पेज पर आ जाता है। अतः आपका Keyword कैसा होना चाहिए?

  • आपके Blog Post से सम्बंधित – Keyword आपके Blog Post से स्वाभाविक तरीके से सम्बंधित होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कन्टेन्ट कुछ और और Keyword कुछ और है।
  • पॉपुलर Keyword का इस्तेमाल करना – Keyword को अलग-अलग वेरिएशन के रूप में चुनें। जैसे आपका टॉपिक “Keyword Planner” है। तो लोग Keyword Tool भी लिख कर जरूर सर्च करते हैं। इसलिए उदाहरण स्वरुप “Keyword Tool” को भी आप एक प्राइमरी Keyword के रूप में चुन सकते हैं।
  • कम कम्पीटीशन वाला  Keyword –  Keyword के ऐसे वेरिएशन को चुनिए, जिसका कम्पीटीशन कम हो। और उस चुने हुए Keyword के साथ आप दूसरे से मुकाबला करने में सक्षम हों। अगर किसी ऐसे Keyword को चुन लेते हैं, जिसका कम्पीटीशन बहुत हाई है। तो आपका पोस्ट रैंक नहीं कर पाएगा।
  • Keywordको कहाँ इस्तेमाल करना चाहिए –  पोस्ट के टाइटल में, एक या दो बार पोस्ट के हैडिंग में,  पोस्ट के कन्टेन्ट में और पोस्ट के एकदम अंत में Keyword का इस्तेमाल करना चाहिए। 
  • Keyword Stuffing से  बचें – कन्टेन्ट लिखते समय Keyword को जबरदस्ती नहीं ठूसना चाहिए। जहाँ जरुरत है, वहीं Keyword का इस्तेमाल करें। जहाँ जरुरत नहीं है, वहाँ Keyword का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पोस्ट को पढ़ते समय ऐसा नहीं लगना चाहिए कि Keyword को जबरदस्ती ठूस दिया गया है। पोस्ट पढ़ते समय Keyword नैचरल लगना चाहिए। एक हीं Keyword को बार-बार इस्तेमाल करने और Keyword stuffing से बचने के लिए, Keyword Planner का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे, Google Keyword PlannerKeyword Tool,SEMRUSH आदि। Google Keyword Planner बहुत अच्छा Keyword Planner है, क्योंकि यह फ्री में आपको मिल जाता है। इससे आप अपने पोस्ट के लिए एक अच्छे Keyword चुन सकते हैं।
  • Google Search – गूगल सर्च भी अच्छे Keyword के लिए सुझाव देता है। Keyword से सम्बंधित आधे वाक्य को गूगल सर्च में लिखना है, और गूगल आपके लिए अच्छे Keyword का सुझाव दे देता है।
SEO friendly Blog Post  के लिए Keyword
  • Long Tail Keyword – 3 से 4 शब्दों वाले Keyword को लॉन्ग टेल Keyword कहा जाता है। जैसे, SEO Friendly article, SEO Friendly blog, SEO content writing, SEO Friendly content writing आदि। सर्च इंजन लॉन्ग टेल Keyword को पसंद करते हैं, क्योंकि 3 से 4 शब्दों के द्वारा पोस्ट का कॉन्सेप्ट पता चल जाता है। पोस्ट किस टॉपिक के बारे में हैं, ये स्पष्ट रूप से पता चल जाता है। 
  • एक पोस्ट में कितने Keyword होने चाहिए –  एक पोस्ट में 1% से 2.5% के बिच Keyword होना चाहिए। मतलब अगर 1000 शब्दों का पोस्ट है, तो उसमें कम से कम 10 बार और ज्यादा से ज्यादा 25 बार Keyword का इस्तेमाल कर सकते हैं। कोशिश कीजिए Keyword को 1.5% से  2% के बिच रखने का, क्योंकि Keyword का यह डेंसिटी बहुत अच्छा होता है। पर Keyword के इस्तेमाल के साथ हीं साथ सेन्टेन्स ऐसे नहीं महसूस होने चाहिए, जैसे उसमें Keyword को SEO के लिए डाला गया है।

गूगल Keyword को नैचरल तरीके से, जहाँ सेन्टेन्स में जरुरत है वहीं इस्तेमाल करने को सलाह देता है। कितने पर्सेन्टज Keyword होने चाहिए, यह नहीं बताया है। पर जिस पोस्ट में Keyword को स्वाभाविक तरीके से इस्तेमाल होगा, वह सर्च इंजन में अच्छा रैंक कर सकता है। इसलिए Keyword को सही जगह पर इस्तेमाल कीजिए। अगर इसे बहुत ज्यादा बार यूज़ करेंगे, तो पोस्ट ओवर ऑप्टिमाइज़ हो जाएगा। 

3. पैराग्राफ का इस्तेमाल करना

पोस्ट लिखते समय हर कोई पैराग्राफ का इस्तेमाल करता है। पर पैराग्राफ का यूज़ तभी करना चाहिए, जब इनका इस्तेमाल करना जरूरी हो। बिना मतलब के पैराग्राफ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अच्छा लगने के लिए अचानक से नई लाइन में कोई भी पैराग्राफ नहीं शुरू करें। पैराग्राफ चेंज करके लिखने का ठोस कारण होना चाहिए । प्रत्येक पैराग्राफ में नया विचार और आपके टॉपिक से सम्बंधित नया उद्देश्य होना चाहिए। पैराग्राफ बड़ा या छोटा हो सकता है पर यह मेन आईडिया को व्यक्त करने में सक्षम होना चाहिए।

पैराग्राफ का इस्तेमाल करने का यही रूल है कि प्रत्येक विचार को अलग-अलग पैराग्राफ में लिखना चाहिए। किसी टॉपिक से सम्बंधित मुख्य विचार को पैराग्राफ चेंज करके केवल एक लाइन में भी लिख सकते हैं। यदि आप अधिक वाक्यों और शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कोई पोस्ट लिखते हैं। तो जाहिर है कि केवल एक हीं पैराग्राफ में पुरे पोस्ट को नहीं लिखेंगे। क्योंकि पुरे पोस्ट में अलग – अलग सुझाव और विचार होते हैं। अगर कोई विचार 4 या 5 वाक्यों में व्यक्त हो जाते हैं, तो उस पैराग्राफ को 4 या 5 सेन्टेंस का हीं रखिए। इसे ज्यादा बड़ा करने की जरुरत नहीं है।

4. हैडिंग टैग्स का इस्तेमाल करना

SEO friendly blog में हैडिंग

अगर हम किसी पोस्ट को बिना हैडिंग टैग्स का इस्तेमाल करते हुए लिखते जाते हैं। और वह पोस्ट या आर्टिकल 2000 से 6000 शब्दों हो जाता है। तो सोचिए कैसे समझ में आएगा कि इतना बड़ा टॉपिक किस विषय के बारे में है। इसे पढ़ना सोचिए कितना बोरिंग होगा। बिना हैडिंग टैग्स का 6000 शब्दों का पोस्ट कोई नहीं पढ़ना चाहेगा।

इसलिए हैडिंग टैग्स यह सूचित करने में भी सक्षम होता है कि पोस्ट किस विषय के बारे में है। देखा जाए तो हैडिंग टैग्स हमारे पेज का ढांचा होते हैं। इसलिए हैडिंग टैग्स का जरूर इस्तेमाल करना चाहिए। हैडिंग टैग्स के इस्तेमाल से कोई भी ट्रोपिक पढ़ने योग्य हो जाता है। इसके साथ हीं साथ इससे SEO में भी फायदा मिलता है।

आपके पोस्ट का टाइटल Heading 1 होता है। वर्डप्रेस का कोई – कोई थीम पोस्ट के टाइटल को Heading 1 या Heading 2 के रूप में इस्तेमाल करता है। इसलिए अगर डिफ़ॉल्ट Heading 1 है, तो पोस्ट के दूसरे हैडिंग को Heading 2, Heading 3 के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।

हैडिंग टैग्स किसी भी सर्च इंजन को आपके पोस्ट के टॉपिक को समझने में मदद करता है। जिससे रैंकिंग में सुधार होता है। हैडिंग टैग्स को बड़े से छोटे के क्रम में इस्तेमाल करना चाहिए। जैसे, Heading 2, Heading 3, Heading 4 आदि। Keyword का इस्तेमाल एक या फिर दो हैडिंग में करना चाहिए, पर सभी हैडिंग में नहीं करना चाहिए।

अगर आपका पोस्ट ज्यादा बड़ा है, तो Heading 2, से लेकर Heading 4 तक का इस्तेमाल कर सकते हैं। Heading 5 और Heading 6 का वैल्यू पहले वाले हैडिंग टैग्स से कम होता है। इसलिए इन हैडिंग का इस्तेमाल अपने पोस्ट में नहीं भी करते हैं, तो उतना फर्क नहीं पड़ता है।

5. एक SEO Friendly Blog Post कितना बड़ा होना चाहिए


एक SEO Friendly Blog Post कितना बड़ा होना चाहिए यह तय नहीं हुआ है। पर न इतना छोटा होना चाहिए और न हीं इतना बड़ा होना चाहिए कि कोई जरुरी इन्फर्मेशन छूट जाए। अगर 300 शब्दों का कोई पोस्ट लिख रहें हैं, तो जो भी इन्फर्मेशन उस पोस्ट के द्वारा देना चाहते हैं। वह इन्फर्मेशन 300 शब्दों के अंदर कम्पलीट होनी चाहिए। नहीं तो फिर वह पोस्ट अधूरा हो जाएगा।

SEO friendly blog post कितना लम्बा

इसी तरह अगर कोई पोस्ट 2500 शब्दों का लिख रहे हैं और उसमें भी कुछ जरुरी इन्फर्मेशन छूट जाता है। तो उस पोस्ट को भी कम्पलीट नहीं कहा जाएगा। इसलिए 300 या 2500 शब्द ज्यादा मतलब नहीं रखते हैं। बस उस पोस्ट में जो भी बताना चाहते हैं, वो कम्पलीट होनी चाहिए। अब किसी भी इन्फर्मेशन को कम्पलीट होने में चाहे 300 शब्द लगें या 2500 शब्द, या फिर इससे भी ज्यादा, बस वह इन्फर्मेशन एकदम से कम्पलीट होनी चाहिए।

अतः आपको अपने टॉपिक के जरुरत के हिसाब से कोई भी पोस्ट लिखना चाहिए। पर कोई भी पोस्ट कम से कम 300 शब्दों के जरूर होने चाहिए। क्योंकि इससे कम में कोई भी इन्फर्मेशन देना, मुझे नहीं लगता है कि सम्भव है। एक्सपर्ट का मानना है कि 2000 से ज्यादा शब्दों वाले पोस्ट बेहतर होते हैं। गूगल भी लम्बे पोस्ट को ज्यादा पसंद करता है। पर इसका मतलब यह नहीं है कि छोटे पोस्ट बेहतर नहीं होते हैं। यहाँ ज्यादा या कम शब्दों की बात नहीं है, बात है क्वालिटी की। इसलिए आपका पोस्ट ज्यादा क्वान्टिटी का नहीं बल्कि ज्यादा क्वालिटी को होना चाहिए।

निचे एक ग्राफ दिया गया हैं, जिसमें छोटे और लम्बे पोस्ट का रैंक दिखाया गया है। किस पोस्ट ने बेहतर रैंक किया है, आप देख सकते हैं।

SEO friendly blog Post कितना बड़ा हो

अपने पोस्ट को नैचरल तरीके से लिखें। ज्यादा छोटा करने के लिए जरुरी इन्फर्मेशन मिस न करें। और ज्यादा बड़ा करने के लिए उसमें बेकार की चीझ न डालें। इसलिए आपको एक SEO Friendly Blog Post के क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्वान्टिटी पर नहीं।

6. Blog Post का ढांचा तैयार करना

एक SEO Friendly Blog Post को लिखने के लिए कुछ बेसिक चीझों पर ध्यान देना पड़ता है। जैसे, पोस्ट का टाइटल, इन्ट्रोडक्शन, पैराग्राफ, पोस्ट का बॉडी, हैडिंग, लिंक, निष्कर्ष आदि। इन सभी चीझों को एक Blog Post का ढांचा कहा जाता है। क्योंकि इन सभी चीझों से मिलकर हीं एक Blog Post तैयार होता है। अगर आपने पोस्ट के लिए टॉपिक डिसाइड कर लिया है, रिसर्च कर लिया है, पूरी तरह से इन्फर्मेशन कलेक्ट कर लिया है। तो दूसरा काम है, पोस्ट के लिए अच्छे से ढांचा तैयार करना।

  • पोस्ट का टाइटल – जो मेन पोस्ट का टाइटल होता है।
  • इंट्रोडक्शन – संक्षिप्त में पोस्ट के बारे में परिचय देते हैं।
  • पैराग्राफ –  पोस्ट के प्रत्येक विचार को अलग – अलग पैराग्राफ में लिखते हैं।
  • हैडिंग – हैडिंग के द्वारा पोस्ट के टॉपिक को अलग-अलग सेक्शन में बाटतें है।
  • पोस्ट का बॉडी – जिसमें पोस्ट का मेन मैसेज होता है।
  • लिंक – अपने दूसरे पोस्ट का लिंक ऐड करते हैं।
  • निष्कर्ष – पोस्ट के अंत में निष्कर्ष लिखते हैं कि इस पोस्ट से हमें क्या इन्फर्मेशन  मिला।
SEO friendly blog Post का ढांचा

7. SEO टाइटल और पर्मालिंक

एक अच्छे SEO Friendly Blog Post के लिए SEO टाइटल या पोस्ट के टाइटल को बहुत अच्छी तरह से लिखना पड़ता है। क्योंकि पोस्ट के टाइटल से हीं सर्च इंजन को पता चलता है की पोस्ट किस टॉपिक के बारे में हैं। इसलिए पोस्ट का टाइटल आपके टॉपिक से सम्बंधित होना चाहिए। इसके साथ हीं साथ इसमें Keyword भी जरूर होना चाहिए। एक अच्छा पोस्ट टाइटल लिखना, SEO और यूजर के लिए भी अच्छा होता है। एक अच्छे SEO टाइटल में ये सब गुण होना चाहिए –

  • पोस्ट का टाइटल 55 से 60 कैरेक्टर के बिच होना चाहिए, ताकि सर्च रिजल्ट के पेज पर पूरा दिखे। अगर इससे ज्यादा बड़ा होगा, तो पोस्ट का टाइटल सर्च रिजल्ट के पेज पर पूरा नहीं दिखेगा।
  • इसमें टार्गेटेड Keyword होना चाहिए, (पर Keyword जबरदस्ती ठूसा हुआ नहीं लगना चाहिए)
  • Blog Post के टॉपिक को एक्यूरेट वर्णन करता हो।
  • SEO टाइटल आकर्षित होना चाहिए, जिसे देखकर यूजर क्लिक करना चाहें।

इसी तरह यूआरएल या पर्मालिंक को भी आकर्षित होना चाहिए। पर्मालिंक को ज्यादा बड़ा नहीं करना चाहिए। बिना जरुरत के शब्दों को इससे हटा देना चाहिए। वर्डप्रेस में यूआरएल अटोमैटिक जेनरेट हो जता है। इसलिए पोस्ट करने से पहले इसे एडिट कर लेना चाहिए। मान लीजिए मैं अभी SEO Friendly Blog Post के बारे में लिख रहा हूँ। तो मेरा SEO टाइटल होगा –

  • “SEO Friendly Blog Post कैसे लिखें? – आपकी हिन्दी के12 श्रेष्ट सलाह” 
  • यूआरएल या पर्मालिंक होगा – “SEO-Friendly-ब्लॉग-पोस्ट”

8. Meta Description

पोस्ट का टाइटल और मेटा टैग दोनों अच्छी रैंकिंग के लिए बहुत वैलुएबल हैं। क्योंकि गूगल के सर्च पेज पर इन दोनों को हीं देखा जाता है। ऊपर पोस्ट का टाइटल होता है और उसके निचे संक्षिप्त में Meta Description रहता है। अगर हम SEO Friendly Blog Post लिख रहें हैं, तो Meta Description को नहीं छोड़ सकते हैं। क्योंकि सर्च इंजन के रैंकिंग में Meta Description का भी बहुत बड़ा योगदान होता है।

SEO friendly blog Post का Meta Description

Meta Description पोस्ट के बारे में संक्षिप्त में लिखा हुआ एक बयान होता है। जिसे हम अधिक से अधिक 156 कैरेक्टर में लिख सकते हैं। अगर इस डिस्क्रिप्शन को ज्यादा बड़ा कर देते हैं, तो यह सर्च रिजल्ट के पेज पर पूरा नहीं दिखाई देता है। इसलिए 156 कैरेक्टर का इस्तेमाल करते हुए, पोस्ट से सम्बंधित बयान को टू द पॉइन्ट लिखना चाहिए। Meta Description में भी पोस्ट से रिलेटेड Keyword का जरूर यूस करना चाहिए।

9. फोटो का इस्तेमाल करना

फोटो किसी भी पोस्ट को बहुत आकर्षक बना देते हैं। अगर एक लम्बा पोस्ट लिखते हैं और उसमें एक भी फोटो का इस्तेमाल नहीं करते हैं। तो इससे रीडर बोर होकर आपके साइट को बंद कर सकते हैं। इसलिए एक पोस्ट में फोटो, वीडियो, इन्फोग्रैफिक, ग्राफ आदि को इस्तेमाल करना बहुत जरुरी है। क्योंकि इससे कन्टेन्ट का क्वालिटी और भी बढ़ जाता है और SEO में भी लाभ मिलता है।

SEO friendly Blog Post के लिए फोटो लगाना

जब भी कोई फोटो अपलोड कर हैं। तो उस फोटो का नाम भी आपके पोस्ट से मिलता – जुलता होना चाहिए। जैसे, मैं SEO Friendly Blog Post के बारे में लिख रहा हूँ। तो फोटो का नाम “SEO Friendly Blog Post.jpg” होना चाहिए। अगर एक से ज्यादा फोटो को अपने पोस्ट में अपलोड करना चाहते हैं। तो कोशिश कीजिए फोटो में आपके पोस्ट से रिलेटेड Keyword जरूर हो।

इसके बाद फोटो में Alternative Text या ALT को लिखें। फोटो अपलोड करते समय भी इसे लिख सकते हैं। या फिर बाद में इमेज के एडिट अप्शन में जाकर भी ALT को ऐड कर सकते हैं। पर ALT  में भी पोस्ट से जुड़े Keyword को जरूर लिखें। ALT को लिखने का कारण यही है कि सर्च इंजन के बोट्स फोटो को नहीं देख पाते हैं। ALT को रीड करके हीं वे समझ पाते हैं कि कन्टेन्ट में फोटो ऐड किया गया है।

अगर पोस्ट में किसी वीडियो को अपलोड करना चाहते हैं, तो वीडियो भी आपके पोस्ट के टॉपिक से जरूर मिलता-जुलता होना चाहिए।

10. पोस्ट में लिंक ऐड करना 

आप जो पोस्ट लिख रहे हैं, उसमें आपके पहले के लिखे पोस्ट के लिंक को ऐड कर दें। इससे सर्च इंजन के क्रॉलर्स को आपके पुरे कन्टेन्ट को क्रॉल करने में आसानी होता है। साथ हीं साथ सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में भी मदद मिलता है।

SEO friendly blog Post में लिंक ऐड करना

पर पोस्ट में लिंक को ऐड करना चाहिए, ये सोचकर कभी भी पोस्ट में लिंक ऐड नहीं करना चाहिए। जब लिंक की जरुरत हो तभी इसे ऐड करना चाहिए। जिस लिंक को आप पोस्ट में ऐड करना चाहते हैं, उसे आपके पोस्ट से सम्बन्धित होना चाहिए। जैसे, मैं SEO Friendly Blog Post के बारे में लिख रहा हूँ। तो मैं इसमें SEO से सम्बंधित पोस्ट के लिंक को हीं ऐड करुंग। जैसे, SEO क्या है?, On Page SEO क्या है? आदि।

अगर इस पोस्ट में “गूगल इनपुट टूल क्या है?” के लिंक को ऐड कर देता हूँ, तो यह सही नहीं होगा। क्योंकि आपके रीडर रिलेटेड पोस्ट को जरूर क्लिक करना चाहेंगे, इसलिए कि वे SEO के बारे में जानना चाहते हैं। पर बिना रिलेटेड पोस्ट के लिंक को क्लिक तो करंगे, पर जल्द हीं उस लिंक को क्लोज कर देंगे। जिससे बाउंस रेट बढ़ जाएगा।

11. नियमित रूप से कन्टेन्ट पोस्ट और अपडेट करें

अगर आपके ब्लॉग पर नियमित रूप से कन्टेन्ट पोस्ट और अपडेट नहीं करते हैं। तो सर्च इंजन उस ब्लॉग को क्रॉल करना कम कर देते हैं। इससे वेबसाइट की रैंकिंग पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसलिए वेबसाइट को अपडेट रखना बहुत जरुरी है। साथ हीं साथ साइट पर नियमित रूप से कन्टेन्ट पोस्ट करते रहें। 

नियमित रूप से पोस्ट करते रहने से फायदा यह होगा कि ब्लॉग का कन्टेन्ट ज्यादा बढ़ जाएगा। व्यू ज्यादा मिलेंगे और आपकी कमाई भी ज्यादा हो जाएगी।

12. पोस्ट करने से पहले चेक करना

SEO Friendly Blog Post के लिए जरुरी है कि कोई भी कन्टेन्ट या आर्टिकल पोस्ट करने से पहले से एक बार, दो बार, तीन बार या फिर चार बार पढ़कर अच्छी तरह से चेक करना चाहिए। या फिर किसी दूसरे से भी अपने पोस्ट को पढ़ा सकते हैं। पोस्ट को पढ़कर उसे ठीक से समझ में आया है कि नहीं। अगर उसे कोई गलती मिलती है, तो आपको बता देगा। जिससे आप पोस्ट की गलती को सुधार सकते हैं।

पोस्ट को बार-बार पढ़ने का फायदा यह होता है कि शब्दों, वाक्यों की गलती या पोस्ट में कोई चीज छूट जाता है। तो उसे हम ठीक कर सकते हैं। इसे प्रूफ रीडिंग भी कहा जाता है।

अगर गलत शब्दों और वाक्यों के साथ कोई भी कन्टेन्ट पोस्ट कर देते हैं, तो इसका असर आपके रीडर पड़ता है। वे यही समझेंगें कि इसे लिखने नहीं आता है और कुछ दिनों में आपके ब्लॉग पर आना भी बंद कर देंगे। इसलिए जरुरी है कि आपका पोस्ट बिना गलती के और हाई क्वालिटी कन्टेन्ट होना चाहिए।

तो दोस्तों ये है SEO Friendly Blog Post लिखने के बारे में मेरा सुझाव। इस पोस्ट में ऊपर बताए गए टिप्स को फॉलो करके आप एक बहुत हीं अच्छा SEO फ्रेंडली Blog Post लिख सकते हैं। 

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